What is Hacking and How to Hack by hacker in hindi

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What is hacking and how to hack by hacker in hindi

हैकिंग क्या होती है ??

हैकिंग अंग्रेजी का शब्द है | (HACKING)

अंग्रेजी में हैकिंग का मतलब होता है, किसी कंप्यूटर में घुस कर उसके डाटा यानि फाइल्स की तहकीकात करना |

अक्सर पुलिस केस में फ़ोन, ईमेल, फैक्स, इत्यादि के तहकीकात किये जाते हैं, जिसमे हमारे देश के सरकारी हैकर अपराधी के सिस्टम में बड़ी मुश्किल से घुसपेठ करके हमारे देश की साइबर सेल की मदद करते हैं | ऐसे हैकर को हम तकनिकी तौर पर “स्टेट औथोरिज्द हैकर” कहते हैं!!




 

इसी तरह कुछ हैकर ऐसे भी होते हैं, जो की किसी भी इंसान के सिस्टम में हैक करके उनके डाटा का अपने उपयोग के लिए गलत इस्तेमाल करते हैं ! उन्हें हम “ब्लैक हैट हैकर” कहते हैं !

 

ब्लैक हैट हैकर की तरह ही “वाइट हैट हैकर ” भी हमारी दुनिया में मौजूद होते हैं, जो हैक करते हैं पर लोगों की भलाई के लिए और इन्टरनेट को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित बनाने में एक हीरो का किरदार निभाते हैं..!

हैकर कैसे हैक करते हैं 

1) इनफार्मेशन गेदरिंग  (Information Gathering)

इनफार्मेशन गेदरिंग का मतलाब होता है जानकारी इकठ्ठा करना !

जिस भी सिस्टम को हैक करना होतो उसके बारे में जानना काफी ज़रूरी होता है | जैसे की उस सिस्टम में कैसी लॉक है और किस किस तरह के फाइल वो सपोर्ट करता है अथवा उस सिस्टम में एंटीवायरस है की नहीं ! उसका ऑपरेटिंग सिस्टम क्या हे | कोनसे फ़ायरवॉल लगे हे |

2) स्कैनिंग एंड एनुमेरेसं (Scanning & Enumeration)

इसका मतलब होता है की प्राप्त की हुए जानकारी से जरूरी जानकारियो को छांट कर बाकी व्यर्थ जानकारियो को हटादेना | इससे हैकिंग करने में 40% मदद हो जाती है !!

3) लूप होल डिटेक्शन (Loop Hole Detection)

जब हम उस रस्ते की जानकारी हासिल कर के उसके जरुरत वाले जानकारियो को हल कर लेते हैं और उसमे एक दरवाज़ा यानी तरीका खोज लेते है जिससे की हम उस सिस्टम में बिना किसी पासवर्ड के घुस सकें.. उस तकनीक को लूप होल डिटेक्शन कहते हैं !




4) वेरिफिकेशन बाईपास (Verification Bypass)

जब हम लूप होल यानी एक छुपा हुआ दरवाज़ा बना लेते हैं सिस्टम में तो हमेशा किसी भी सिस्टम में वेरीफाई यानी जांच होती है की हम सही यूजर है की नहीं.. इसीलिए उस लूप होल से हमें उस सिस्टम के जाँच प्रक्रिया को बाईपास यानी एक उपमार्ग बनाना पढता है जिससे की जांच प्रक्रिया हमें उस सिस्टम के भीतर प्रवेश करने देती है ! बिलकुल एक बाईपास हाईवे की तरह जो की शहर के बहार से ही हमें अपने स्थान पर पहुंचा देती है !!

5) बैकडोर सेटअप (Backdoor Setup)

इसका मतलब होता है की जब हम उस सिस्टम में एक्सेस पाते हैं यानी घुसने में सफल होजाते हैं तो उस सिस्टम में एक पिछला दरवाजा यानी बैकडोर बनालेते हैं ताकि बार बार हमें उस सिस्टम में घुसने के लिए इतनी साड़ी मशक्कत न करनी पड़े ! इस बैकडोर के द्वारा हम उस सिस्टम में आसानी से कभी भी प्रवेश कर पाते हैं !

ये कुछ कदम थे जिनको पुर्णतः पालन करने से एक हैकर किसी भी सिस्टम में बड़ी मुश्किल से प्रवेश हासिल कर पाता है!!

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